मेरी शायरी में ज़िन्दगी मेरी,तलाश ना कर

मेरी शायरी में ज़िन्दगी मेरी,तलाश ना कर,

जैसा दिखता हूँ,वैसा ऐतबार ना कर,

कुछ हालातों की बेबसी है,कुछ रंग-ए-अंदाज़ मेरा,

इस वास्ते,चंद नगमों से मेरी,पहचान ना कर।

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