मेरी शायरी में ज़िन्दगी मेरी,तलाश ना कर,
जैसा दिखता हूँ,वैसा ऐतबार ना कर,
कुछ हालातों की बेबसी है,कुछ रंग-ए-अंदाज़ मेरा,
इस वास्ते,चंद नगमों से मेरी,पहचान ना कर।
तेरी आँखों मे,फैली गहराई देखी है, एक मुस्कान के पीछे कि,रुसवाई देखी है, देखा सबने महफ़िल में,चाँद को सितारों के बीच, 1 हमने महफ़ि...
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