हुस्न का दरिया हो या

हुस्न का दरिया हो या, चाँद का आबशार(झरना)हो,

कि हर नज़र,1 नज़र को बेकरार हो जाए,

ये नज़र तुम्हारी है या,कोई जादू-टोना,

कि जो भी देखे,गिरफ्तार हो जाए।

No comments:

Post a Comment

चाँद कि तन्हाई

तेरी आँखों मे,फैली गहराई देखी है, एक मुस्कान के पीछे कि,रुसवाई देखी है, देखा सबने महफ़िल में,चाँद को सितारों के बीच, 1 हमने महफ़ि...