हुस्न का दरिया हो या, चाँद का आबशार(झरना)हो,
कि हर नज़र,1 नज़र को बेकरार हो जाए,
ये नज़र तुम्हारी है या,कोई जादू-टोना,
कि जो भी देखे,गिरफ्तार हो जाए।
तेरी आँखों मे,फैली गहराई देखी है, एक मुस्कान के पीछे कि,रुसवाई देखी है, देखा सबने महफ़िल में,चाँद को सितारों के बीच, 1 हमने महफ़ि...
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