कोई कैसे ये बताये कि, वो सहमा सा क्यों है,
धड़कन साथ मगर दिल,तन्हा-सा क्यों है,
कैसे बताये कोई, अपनी बेबसी का मंजर,
आँख रोई-सी ,चेहरा हँसता-सा क्यों है?
कोई कैसे ये बताये कि, सीने में चुभन सी क्यों है,
साँस मुकम्मल फिर,लंबी ये घुटन सी क्यों है,
कैसे बताये कोई ,अपनी अंजाम-ए-उलफत ,
मुस्कान होंठो पे,माथे पे सिकन-सी क्यों है?
कोई कैसे ये बताये कि, ऐसा ये एहसास क्यों है,
दिल ,खुद से दूर और गैरों के पास क्यों है,
कैसे बताये कोई,पीर-ए-मोहब्बत अपनी,
लहरों में डूबे है,फिर भी प्यास क्यों है?
कोई कैसे ये बताये कि, ऐसी ये सरकार क्यों है,
दीवार तो मज़बूत मगर,लंबी ये दरार क्यों है,
कैसे बताये कोई,सियासत बदले वक़्त की,
1 चेहरा था जिसका नज़रों में कल तक,
आज ,वही नज़र से ,दरकिनार क्यों है?
1:अंजाम-ए-उलफत - Result of love
2:पीर-ए-मोहब्बत - Pain of love
No comments:
Post a Comment