आँखों मे बसाकर रखते हैं, लोग उन्हें,
जिनका नाम लकीरों में नही होता,
सूरज चमके चाँद की खातिर,
और चांद को कोई,खबर नही होता।
तेरी आँखों मे,फैली गहराई देखी है, एक मुस्कान के पीछे कि,रुसवाई देखी है, देखा सबने महफ़िल में,चाँद को सितारों के बीच, 1 हमने महफ़ि...
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