शम्मा को क्या खबर,तड़प परवाने कि,
जब,कोई-न-कोई साथ है,साथ जलने के लिए,
हमारी भी याद आएगी उन्हें,1 दिन तन्हाईयों में,
अभी तो,बहोत लोग हैं उसके पास,दिल्लगी के लिए।
तेरी आँखों मे,फैली गहराई देखी है, एक मुस्कान के पीछे कि,रुसवाई देखी है, देखा सबने महफ़िल में,चाँद को सितारों के बीच, 1 हमने महफ़ि...
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