शम्मा को क्या खबर,तड़प परवाने कि

शम्मा को क्या खबर,तड़प परवाने कि,

जब,कोई-न-कोई साथ है,साथ जलने के लिए,

हमारी भी याद आएगी उन्हें,1 दिन तन्हाईयों में,

अभी तो,बहोत लोग हैं  उसके पास,दिल्लगी के लिए।

No comments:

Post a Comment

चाँद कि तन्हाई

तेरी आँखों मे,फैली गहराई देखी है, एक मुस्कान के पीछे कि,रुसवाई देखी है, देखा सबने महफ़िल में,चाँद को सितारों के बीच, 1 हमने महफ़ि...