बहोत ,लंबी खामोशी से गुज़रा हूँ

बहोत ,लंबी खामोशी से गुज़रा हूँ,
किसी से कुछ कहने कि,कोशिश में,
1 दिल भूल आया हूँ ,1 दिल की खातिर,
1 दिल पाने की कोशिश में।

भूल गया हूँ ,मंज़र अपना,
1 मंज़िल पाने की कोशिश में,
डूब जाता हूँ,दरिया में अक्सर,
1 मोती पाने की कोशिश में।

कुछ याद आती है,यादें रहकर,
कुछ भूल जाने की कोशिश में,
भर  आती हैं, आँखे कभी,
कभी,मुस्कराने कि कोशिश मे।

रूठ गया वो यार मेरा,
प्यार पाने कि ,कोशिश में,
धड़के नही अब धड़कन मेरी,
1 दिल पाने कि ,कोशिश में।

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