खूबसूरती ऐसी कि, हकीकत ख्वाब हो जाये

खूबसूरती ऐसी कि, हकीकत ख्वाब हो जाये,
सूरज पिघले और चाँद हो जाये,
यूँ देख हमें ना, नज़रें मिलाकर,
कहीं नज़र हमारी ना, गिरफ्तार हो जाये।

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