ये कैसा किस्सा प्यार का,ये कैसी मज़बूरी है?
दो कदम का फासला,फिर भी कितनी दूरी है,
है नज़र के सामने फिर भी ,आँखे उनकी सूरी हैं,
लम्हा-लम्हा पूरा है पर,बात सारी अधूरी है।
Vocabulary:
सूरी:Blind
तेरी आँखों मे,फैली गहराई देखी है, एक मुस्कान के पीछे कि,रुसवाई देखी है, देखा सबने महफ़िल में,चाँद को सितारों के बीच, 1 हमने महफ़ि...
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