कभी नफरतों का मंज़र,कभी मोहब्बत का तराना

दूरी भी है,देरी भी है

हालातों की मजबूरी भी है,

कभी नफरतों का मंज़र,कभी मोहब्बत का तराना,

हालात-ए-इश्क़ में ज़रूरी भी है।

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