कुछ इन रास्तों की रंजिश है,कुछ मेरा बंजारापन,
कि, राह मेरी है,रहनुमा मेरा,
न साथी की ख्वाईश, न तलाश मंजिल की,
हम ही खुद ,हमनवा मेरा।
तेरी आँखों मे,फैली गहराई देखी है, एक मुस्कान के पीछे कि,रुसवाई देखी है, देखा सबने महफ़िल में,चाँद को सितारों के बीच, 1 हमने महफ़ि...
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