ना खुद संभालो, ना मुझे ही होश में रहने दो,
कुछ कह रही हैं धड़कने,नज़रों से बयाँ होकर,
नज़रों कि ज़ुबाँ समझो,समा-ए-जोश बढ़ने दो
तेरी आँखों मे,फैली गहराई देखी है, एक मुस्कान के पीछे कि,रुसवाई देखी है, देखा सबने महफ़िल में,चाँद को सितारों के बीच, 1 हमने महफ़ि...
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