इस क़दर न टूटो कि

इस क़दर न टूटो कि

टुकड़ा हो जाओ..

चलो..

आईना नही तो शीशा हो जाओ।

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तेरी आँखों मे,फैली गहराई देखी है, एक मुस्कान के पीछे कि,रुसवाई देखी है, देखा सबने महफ़िल में,चाँद को सितारों के बीच, 1 हमने महफ़ि...