अफवाहें सुन कर बदनाम मत करना
खयाली इल्ज़ामों का इश्तेहार मत करना
कुछ मजबूरियां है,मोहब्बत के दरम्यान हमारे,
गर ज़ुबानी सुननी हो ,तो बात करना
तेरी आँखों मे,फैली गहराई देखी है, एक मुस्कान के पीछे कि,रुसवाई देखी है, देखा सबने महफ़िल में,चाँद को सितारों के बीच, 1 हमने महफ़ि...
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