सारी उम्मीदें भी तुझसे है,सारी शिकायत भी तुझसे,
बहोत नफरत है तुझसे,बहोत मोहब्बत भी तुझसे,
समझ नहीं आता ऐ इश्क , कि कैसी फितरत तेरी?
जिंदगी कि हसरत भी तुझसे है और मौत की इबादत भी तुझसे
तेरी आँखों मे,फैली गहराई देखी है, एक मुस्कान के पीछे कि,रुसवाई देखी है, देखा सबने महफ़िल में,चाँद को सितारों के बीच, 1 हमने महफ़ि...
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