सारी उम्मीदें भी तुझसे है,सारी शिकायत भी तुझसे

सारी उम्मीदें भी तुझसे है,सारी शिकायत भी तुझसे,

बहोत नफरत है तुझसे,बहोत मोहब्बत भी तुझसे,

समझ नहीं आता ऐ इश्क , कि कैसी फितरत तेरी?

जिंदगी कि हसरत भी तुझसे है और मौत की इबादत भी तुझसे

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