अगर बता नही सकती,तो जताया तो करो...
पागल समझकर ही सही,मुस्कराया तो करो....
क्या जानो, किस कदर नजरें टिका के बैठे हैं नज़र पे तुम्हारी,....
अरे,नफरत से ही सही,नज़र मिलाया तो करो।
तेरी आँखों मे,फैली गहराई देखी है, एक मुस्कान के पीछे कि,रुसवाई देखी है, देखा सबने महफ़िल में,चाँद को सितारों के बीच, 1 हमने महफ़ि...
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